Tata Motors और Stellantis ने अब इंडियन मार्केट के साथ ग्लोबल लेवल के लिए बड़ी डील को साइन कर लिया है। जिससे बाकी मेकर्स को टेंशन हो सकती है। यह डील कैसी है और इससे कैसे बाकी मेकर्स को परेशानी हो सकती है। इस रिपोर्ट में पढ़ते हैं।
Tata Motors और Stellantis ने साइन की डील
इंडियन व्हीकल मैन्युफैक्चरर टाटा मोटर्स और स्टेलेंटिस ने अब एक बड़ी डील को साइन कर लिया है। दोनों के बीच यह अंतिम समझौते के तहत साइन की गई है। जिसके बाद अब दोनों मेकर्स साथ मिलकर भविष्य के व्हीकल्स को तैयार करेंगी।
कहां होगा प्रोडक्शन
इस समझौते के बाद अब टाटा मोटर्स के पुणे के रंजगांव के प्लांट में प्रोडक्शन को किया जाएगा। यह प्लांट टाटा मोटर्स अपनी कई कारों को बनाने के लिए कर रही है। जिसमें Tata Nexon, Tata Altroz, Tata Curvv के साथ Jeep के कुछ मॉडल्स को बनाया जाता है। जिनमें Jeep Compass और Jeep Meridian शामिल हैं। यहीं पर ही जीप की चैरोकी और रैंगलर को भी सीकेडी की तरह लाया जाता है और फिर असेंबल किया जाता है।
रोमांचक मौका है
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ शैलेश चंद्र ने कहा, “स्टेलेंटिस के साथ हमारी साझेदारी दो दशकों से अधिक समय से आपसी विश्वास और पूरक क्षमताओं के आधार पर लगातार मजबूत होती जा रही है। यह समझौता एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उन्नत वाहन प्रौद्योगिकी और आर्किटेक्चर में हमारे संबंधों को आगे बढ़ाता है, और इन क्षेत्रों में टीएमपीवी की क्षमताओं की मजबूती और प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाता है। हमें खुशी है कि स्टेलेंटिस वैश्विक बाजारों के लिए उत्पाद विकसित करने हेतु इन क्षमताओं का लाभ उठाएगी। साथ मिलकर, हमारे पास अपनी-अपनी क्षमताओं को संयोजित करने और भारत में निर्मित आकर्षक वाहन बनाने का एक रोमांचक अवसर है, जो भारत और दुनिया भर के ग्राहकों के लिए उपयुक्त होंगे।”
भारत की बढ़ती भूमिका होगी मजबूत
स्टेलेंटिस एशिया-प्रशांत क्षेत्र के मुख्य परिचालन अधिकारी तियानशु शिन ने कहा : “एशिया-प्रशांत क्षेत्र में स्टेलेंटिस के लिए मूल्य सृजन में साझेदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। टाटा मोटर्स की भारत में मजबूत क्षमताओं और स्टेलेंटिस के वैश्विक उत्पाद विकास और बाजार पहुंच के संयोजन से, यह समझौता हमें भारत में प्रतिस्पर्धी वाहन विकसित करने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी निर्यात क्षमता का विस्तार करने में मदद करेगा। यह स्टेलेंटिस के लिए एक रणनीतिक विनिर्माण और विकास केंद्र के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका को भी मजबूत करता है।”
डील की मुख्य बातें
टाटा मोटर्स और स्टेलेंटिस के बीच हुई इस डील के बाद अब टाटा मोटर्स की ओर से स्टेलेंटिस को आर्किटेक्चर के साथ प्रोडक्ट टेक्नोलॉजी तक पहुंच देनी होगी। वहीं स्टेलेंटिस के इंजीनरियर्स के जरिए प्रोडक्ट डेवलपमेंट करेगी और टाटा के लिए इंटरनेशनल मार्केट के लेवल के प्रोडक्ट्स बनाने में मदद करेगी।
कब हुआ था MoU
दोनों कंपनियों के बीच फरवरी 2026 में एक एमओयू पर साइन किए गए थे। जिसके बाद अब अंतिम समझौता किया गया है।
Stellantis करती है कई ब्रॉन्ड्स का ऑपरेशन
स्टेलेंटिस कई ब्रॉन्ड्स का ऑपरेशन कर रही है। इनमें Jeep, Citroen, Fiat, Piaggio, Opel, Maserati, Alfa Romeo जैसे करीब 14 ब्रॉन्ड्स शामिल हैं। जो इंडिया के साथ ही दुनिया के कई देशों में अपने व्हीकल्स की सेल करती है।
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