UPI MDR पर NPCI का बड़ा अपडेट, 2000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर लगेगा चार्ज? जानें आम यूजर्स पर क्या होगा असर

NPCI ने UPI MDR को लेकर स्पष्ट किया है कि आम ग्राहकों और P2P ट्रांजैक्शन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।
NPCI ने UPI MDR को लेकर स्पष्ट किया है कि आम ग्राहकों और P2P ट्रांजैक्शन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।

UPI आज भारत में डिजिटल पेमेंट का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला माध्यम बन चुका है। ऐसे में UPI ट्रांजैक्शन पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू किए जाने की खबर के बाद आम यूजर्स के मन में कई सवाल उठ रहे हैं।

खास तौर पर यह सवाल कि क्या 2,000 से ज्यादा का UPI पेमेंट करने पर ग्राहक से भी कोई अतिरिक्त पैसा लिया जाएगा। इसी भ्रम को दूर करने के लिए NPCI ने MDR को लेकर विस्तृत FAQs जारी किए हैं।

क्या आम यूजर्स से UPI पेमेंट का चार्ज लिया जाएगा?

NPCI के मुताबिक, आम ग्राहकों को UPI इस्तेमाल करने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। यानी किसी व्यक्ति द्वारा दोस्त, परिवार के सदस्य या अपने किसी दूसरे बैंक अकाउंट में पैसे भेजने पर MDR लागू नहीं होगा। Person-to-Person (P2P) ट्रांजैक्शन पहले की तरह फ्री रहेंगे।

इसी तरह 2000 रुपये तक के छोटे UPI पेमेंट भी MDR के दायरे में नहीं आएंगे। NPCI के अनुसार, कुल Person-to-Merchant (P2M) UPI ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में 2,000 तक के पेमेंट की हिस्सेदारी 95 फीसदी से ज्यादा है।

2000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर कितना MDR लगेगा?

नए फ्रेमवर्क के तहत 2000 रुपये से अधिक के P2M UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR तय किया गया है। हालांकि बड़े पेमेंट के लिए इसकी अधिकतम सीमा 300 प्रति ट्रांजैक्शन रखी गई है। यानी 75,000 या उससे ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर भी MDR 300 से अधिक नहीं होगा। यह शुल्क ग्राहक के बजाय संबंधित मर्चेंट साइड पर लागू होगा।

कब से लागू होगा नया नियम?

NPCI के FAQ के मुताबिक नया MDR फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर 2026 से लागू किया जाएगा। इस अवधि का इस्तेमाल बैंक, पेमेंट एग्रीगेटर, फिनटेक कंपनियां और अन्य संबंधित प्लेटफॉर्म अपने सिस्टम और बिलिंग व्यवस्था को अपडेट करने के लिए करेंगे।

कुछ सेवाओं के लिए फिक्स्ड 5 MDR

कुछ खास कैटेगरी में प्रतिशत के बजाय फिक्स्ड MDR लागू किया जाएगा। रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस और फ्यूल जैसी कैटेगरी में 2,000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर 5 का फ्लैट MDR तय किया गया है। वहीं कुछ पब्लिक यूटिलिटी पेमेंट्स के लिए भी 5 का रियायती MDR मॉडल बताया गया है।

MDR लाने की वजह क्या है?

NPCI के अनुसार MDR से मिलने वाली राशि UPI इकोसिस्टम में ही इस्तेमाल की जाएगी। इसका उद्देश्य पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सिक्योरिटी, फ्रॉड प्रिवेंशन, तकनीकी सिस्टम और नए इनोवेशन में निवेश को बढ़ावा देना है। अगस्त 2026 में UPI के जरिए रिकॉर्ड 2,451 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू करीब 29.9 लाख करोड़ रही।

इसलिए आम UPI यूजर के लिए सबसे अहम बात यह है कि 2000 रुपये से ज्यादा का पेमेंट करने पर ग्राहक से सीधे MDR नहीं लिया जाएगा। नया शुल्क मुख्य रूप से मर्चेंट साइड पर लागू होने वाला है।