बदलने वाला है EV चलाने का तरीका, China की CATL खत्‍म कर देगी Charging Station पर घंटों रुकने का झंझट

Electric Cars Charging
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प्रदूषण को कम करने के लिए दुनियाभर में EV सेगमेंट में रोज नई डेवलपमेंट हो रही है। इसमें भी China नई टेक्‍नोलॉजी को डेवलप करने में सबसे आगे चल रहा है। हाल में ही कुछ रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि चीन की CATL कंपनी ने ऐसी Super Battery को बना लिया है, जिसे काफी कम टाइम में ही पूरा चार्ज किया जा सकता है। इस टेक्‍नोलॉजी का किस तरह से फायदा मिलेगा। इस रिपोर्ट में समझते हैं।

CATL ने बनाई Super Battery

चीन की कंपनी CATL ने हाल में ही Super Battery को बना लिया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात की जानकारी दी जा रही है। जिसमें बताया जा रहा है कि इस सुपर बैटरी को चार्ज करने में काफी कम समय लगेगा।

कितने टाइम में होगी चार्ज

रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि इस सुपर बैटरी को फुल चार्ज करने में सिर्फ 12 मिनट का टाइम ही लगेगा। साथ में यह भी खूबी इस बैटरी में मिलेगी कि अगर इसे 24 लाख किलोमीटर या 3 हजार चार्जिंग साइकिल तक भी चलाया जाएगा तो इसकी बैटरी की एफिशिएंसी 80 पर्सेंट के पास तक रहेगी। जिससे इसे कई लाख किलोमीटर तक और चलाया जा सकेगा।

इस टेक्‍नोलॉजी से बनाई बैटरी

इस सुपर बैटरी को बनाने में कैथोड पर एक सुरक्षात्‍मक कोटिंग को किया गया है। इसमें स्‍पेशल इलेक्‍ट्रोलाइट एडिटिव्‍स भी हैं जो फास्‍ट चार्जिंग के टाइम पर सेफ्टी को बनाए रखते हैं।

कितनी बदलेगी EV की दुनिया

अगर CATL की इस सुपर बैटरी को कारों में लगा दिया जाता है तो इससे न सिर्फ आम आदमी को कार को चार्ज करने में लगने वाले टाइम को बचाने में मदद मिलेगी, बल्कि कई लाख किलोमीटर तक बना टेंशन कार को चलाना भी आसान हो जाएगा। जिससे EV सेक्‍टर की दुनिया काफी तेजी से बदल जाएगी और इसका नुकसान ICE सेगमेंट को होगा।

क्‍या है चुनौती

ICE के मुकाबले EV के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही रही है कि ICE सेगमेंट के व्‍हीकल्‍स में पेट्रोल-डीजल या सीएनजी को भरने में कुछ 10 से 15 मिनट का ही टाइम लगता है, जिसके बाद 500 से लेकर 1000 किलोमीटर तक की रेंज मिल जाती है। इसके मुकाबले में EV के साथ अभी तक यही चुनौती रही है कि इसमें रेंज भले ही मिल जाए लेकिन बैटरी को चार्ज करने में काफी ज्‍यादा टाइम लग जाता है।

कब तक आएगी बैटरी

जिन मीडिया रिपोर्ट्स में यह जानकारी दी जा रही है कि इस तरह की बैटरी को China की CATL ने पेश कर दिया है। उनमें यह नहीं बताया गया है कि इस टेक्‍नोलॉजी वाली सुपर बैटरी को कब तक कारों में दिया जाएगा।