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Greenply ने GreenLine से मिलाया हाथ, LNG ट्रकों से होगी ज्यादा ग्रीन लॉजिस्टिक्स

Greenply Industries ने अपने आउटबाउंड लॉजिस्टिक्स में LNG से चलने वाले ट्रकों को शामिल करने के लिए GreenLine Mobility Solutions के साथ साझेदारी की है। वडोदरा प्लांट से शुरू हुई ये पहल कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट और सप्लाई चेन को भी अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में कदम है।

भारत में कंपनियां अब केवल अपने उत्पादन संयंत्रों तक ही पर्यावरणीय जिम्मेदारी को सीमित नहीं रख रही हैं, बल्कि सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स में भी क्लीनर विकल्पों को अपनाने पर जोर दे रही हैं।

इसी दिशा में Greenply Industries Limited ने अपने आउटबाउंड लॉजिस्टिक्स ऑपरेशन को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए GreenLine Mobility Solutions Ltd के साथ साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत Greenply के प्रोडक्ट्स की ढुलाई के लिए LNG से चलने वाले भारी ट्रकों का इस्तेमाल किया जाएगा।

इस पहल की शुरुआत 9 सितंबर 2026 को वडोदरा स्थित Greenply की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी से हुई, जहां GreenLine के LNG-पावर्ड ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कंपनी के मुताबिक, ये कदम उसके लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में क्लीनर मोबिलिटी सॉल्यूशंस को शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण शुरुआत है।

साझेदारी के तहत Greenply, GreenLine के ग्रीन लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए वडोदरा प्लांट से अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के अलग-अलग गंतव्यों तक प्रोडक्ट्स पहुंचाएगी। इससे कंपनी अपने फ्रेट ऑपरेशंस में वैकल्पिक ईंधन आधारित परिवहन को शामिल कर सकेगी।

LNG ट्रकों से उत्सर्जन में कमी का दावा

भारत के कमर्शियल ट्रांसपोर्ट सेक्टर में वैकल्पिक ईंधनों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। GreenLine के अनुसार, उसके LNG-पावर्ड ट्रक पारंपरिक डीजल आधारित परिवहन की तुलना में उत्सर्जन को कम करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, वास्तविक उत्सर्जन में कमी वाहन के कॉन्फिगरेशन, ईंधन की गुणवत्ता और ऑपरेटिंग परिस्थितियों पर निर्भर करती है।

कंपनी के मुताबिक, GreenLine के LNG-पावर्ड ट्रक CO₂ उत्सर्जन को 40% तक, SOx को 100% तक, NOx को 59% तक, पार्टिकुलेट मैटर को 91% तक और CO को 70% तक कम कर सकते हैं। इस वजह से इन्हें भारत के लॉन्ग-हॉल फ्रेट सेक्टर के लिए कम उत्सर्जन वाले विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।

मैन्युफैक्चरिंग से आगे बढ़ी Greenply की सस्टेनेबिलिटी पहल

Greenply के लिए LNG ट्रकों को लॉजिस्टिक्स में शामिल करना उसकी व्यापक सस्टेनेबिलिटी रणनीति का हिस्सा है। कंपनी का कहना है कि पर्यावरणीय जिम्मेदारी सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रोडक्ट्स और मटेरियल की पूरी वैल्यू चेन में इसे लागू करने की जरूरत है।

इस पहल के जरिए कंपनी वैकल्पिक ईंधन वाले परिवहन की ऑपरेशनल व्यवहार्यता को भी समझने का प्रयास करेगी। आगे चलकर Greenply अपने डिस्पैच नेटवर्क की जरूरतों और इस पहल से मिलने वाले अनुभव के आधार पर लॉजिस्टिक्स में अन्य जिम्मेदार मोबिलिटी सॉल्यूशंस को शामिल करने के अवसरों का आकलन करेगी।

Greenply ने क्या कहा?

Greenply Industries Limited के Joint Managing Director Sanidhya Mittal ने कहा कि कंपनी के लिए सस्टेनेबिलिटी केवल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज के अंदर होने वाली गतिविधियों तक सीमित नहीं है। ये इस बात से भी जुड़ी है कि प्रोडक्ट्स और मटेरियल पूरी वैल्यू चेन में किस तरह आगे बढ़ते हैं।

उन्होंने कहा कि वडोदरा फैसिलिटी पर LNG-पावर्ड ट्रकों की शुरुआत कंपनी के लॉजिस्टिक्स ऑपरेशंस में अधिक जिम्मेदार मोबिलिटी सॉल्यूशंस तलाशने की दिशा में पहला कदम है। कंपनी आगे ऐसे विकल्पों पर काम करेगी, जो बचत और पर्यावरणीय पहलुओं के बीच संतुलन बनाने के साथ सप्लाई चेन की दक्षता और विश्वसनीयता को भी बनाए रखें।

GreenLine ने भी जताई खुशी

GreenLine Mobility Solutions Ltd के CEO Madhur Taneja ने कहा कि कंपनी Greenply के साथ मिलकर क्लीनर फ्रेट ट्रांसपोर्टेशन को आगे बढ़ाने को लेकर उत्साहित है।

उन्होंने कहा कि कम उत्सर्जन वाले लॉजिस्टिक्स की ओर बदलाव के लिए ऐसे व्यावहारिक समाधानों की जरूरत है, जिन्हें मौजूदा सप्लाई चेन में ऑपरेशनल एफिशिएंसी से समझौता किए बिना शामिल किया जा सके। GreenLine के LNG-पावर्ड फ्लीट के जरिए कंपनियों को रोड फ्रेट को अधिक ग्रीन बनाने की दिशा में कदम उठाने का अवसर मिलता है।

1,000 से ज्यादा वाहनों का फ्लीट

GreenLine भारत में कम उत्सर्जन वाले रोड फ्रेट को बढ़ावा देने के लिए LNG और इलेक्ट्रिक पावर्ड हैवी कमर्शियल ट्रकों का संचालन करती है। कंपनी के पास 1,000 से ज्यादा वाहन हैं, जो देश के प्रमुख फ्रेट कॉरिडोर पर चलते हैं।

GreenLine स्टील, सीमेंट, माइनिंग, FMCG और केमिकल्स समेत कई इंडस्ट्रीज को सेवाएं देती है। कंपनी के फ्लीट ने अब तक सामूहिक रूप से 100 मिलियन किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय की है। कंपनी के अनुसार, इसके जरिए ग्राहकों को कुल मिलाकर 27,000 टन से ज्यादा CO₂ उत्सर्जन कम करने में मदद मिली है।

LNG और EV दोनों पर फोकस

GreenLine Mobility Solutions, Essar की एक पहल है और LNG व इलेक्ट्रिक-पावर्ड हैवी कमर्शियल ट्रकों के संचालन पर काम करती है। कंपनी लॉन्ग-हॉल ट्रांसपोर्टेशन के लिए LNG ट्रकों और शॉर्ट-हॉल ऑपरेशंस के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का इस्तेमाल करती है।

इसके अलावा, GreenLine की सब्सिडियरी Ultra Gas and Energy Ltd. देशभर में LNG रिफ्यूलिंग रिटेल आउटलेट्स का नेटवर्क तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य ग्रीन लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस के लिए LNG रिफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है।

Greenply का देशभर में बड़ा नेटवर्क

Greenply Industries Limited भारत की प्रमुख इंटीरियर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में शामिल है और वुड पैनल इंडस्ट्री में इसकी मौजूदगी 42 वर्षों से है। कंपनी के देशभर में 5 अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं।

कंपनी Plywood, MDF, Block Boards, Flush Doors, Decorative Veneers, PVC और Flooring जैसे प्रोडक्ट्स पेश करती है, जिन्हें घरेलू और ग्लोबल मार्केट में बेचा जाता है।

Greenply का डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क 27 राज्यों और 6 केंद्र शासित प्रदेशों में 1,100+ शहरों, कस्बों और गांवों तक फैला हुआ है। कंपनी के नेटवर्क में 2,300 से ज्यादा डीलर्स और ऑथराइज्ड स्टॉकिस्ट, 6,000 से ज्यादा रिटेल आउटलेट्स और भारत में 50+ फिजिकल और वर्चुअल ब्रांच शामिल हैं।

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