Car Modification का शौक पड़ सकता है भारी! जानिए क्‍या हो सकते हैं इसके 5 बड़े खतरे

Car Modification
Car Modification PC-Freepik

Car Modification: वैसे तो इंडिया में नियम और कानून मोडिफाइड कार या बाइक को सड़क पर चलाने की इजाजत कई मायनों में नहीं देता। लेकिन फिर भी कुछ लोग ऐसा करते हैं। कार या बाइक को मोडिफिकेशन के बाद क्‍या परेशानी हो सकती हैं। इस रिपोर्ट में पढ़ते हैं।

Car Modification के हैं नुकसान

कार या बाइक मोडिफिकेशन करवाने से सिर्फ खुद को खुशी मिलती है और इस काम को करने वालों को आपका पैसा मिलता है। लेकिन इससे कई मामलों में फायदे की जगह नुकसान (car modification risks) हो जाता है।

वारंटी खत्‍म होगी

कोई भी कंपनी अपनी कार या बाइक पर तब तक ही वारंटी देती है जब तक वह फैक्‍ट्री वाली हालत में होती है। अगर कार में मोडिफिकेशन करवाई जाए या फिर एक तार भी काट दी जाती है तो क्‍लेम करने पर कंपनी वारंटी खत्‍म होने की बात कह सकती है।

इंश्‍योरेंस क्‍लेम रिजेक्‍ट

कार या बाइक को मोडिफाई करवाने के बाद किसी वजह से इंश्‍योरेंस क्‍लेम की जरुरत पड़ती है तो इंश्‍योरेंस कंपनी क्‍लेम देने से भी मना कर सकती है। इसका कारण सीधा होता है कि अक्‍सर लोग मोडिफिकेशन के बाद इंश्‍योरेंस कंपनी को जानकारी नहीं देते।

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दुर्घटना के बाद पहचान मुश्किल

किसी मोडिफाइड कार या बाइक के साथ कोई दुर्घटना हो जाए तो फिर उसको पहचानना मुश्किल (vehicle safety issues) भी हो जाता है। कई बार लोग कार रैप करवाते हैं और कार का रंग बदल जाता है जो बाद में परेशानी का सबब बनता है।

आरटीओ से भी होगी परेशानी

कई बार लोग ऐसी मोडिफिकेशन भी करवा लेते हैं जिससे पीछा छुड़ाना बाद में मुश्किल हो जाता है। ऐसे में आरटीओ भी आपको परेशान कर सकता है। कई बार देखा गया है कि हैवी मोडिफाइड कार या बाइक पर पुलिस भी कार्रवाई करने से गुरेज नहीं करती।