Nyara Energy: इंडिया दुनिया के कुछ ऐसे देशों में शामिल है जहां तेल की सबसे ज्यादा खपत होती है। इसी को देखते हुए रूस के निवेशकों वाली बड़ी कंपनी अब इंडिया विस्तार करने की तैयारी कर रही है। रूस के निवेशकों वाली कौन सी कंपनी अब इंडियन मार्केट में किस तरह और कितनी रकम के साथ विस्तार करेगी। इस रिपोर्ट में पढ़ते हैं।
रूस की कंपनी पर ईयू ने लगाया बैन
रूस की एनर्जी सेक्टर की कंपनी नायरा एनर्जी (Nyara Energy India) पर यूरोपियन यूनियन ने बैन लगा दिया है। जिसके बाद नायरा एनर्जी ने इसे एकतरफा फैसला बताया है। कंपनी अब इस फैसले को चुनौती देने की भी तैयारी कर रही है। यह कंपनी पहले एस्सार एनर्जी के नाम से जानी जाती थी।
Nyara Energy पर क्यों लगा बैन
रिपोर्ट्स की मानें तो रूस की रॉसनेफ्ट कंपनी और केसानी एंटरप्राइजेज के पास इसकी बड़ी हिस्सेदारी है। रॉसनेफ्ट के पास ही करीब 49 पर्सेंट की हिस्सेदारी है जिस वजह से यूरोपियन यूनियन ने नायरा पर बैन लगाया है। जबकि कंपनी का कहना है कि भले ही उसके निवेशक विदेशी हों, लेकिन वह पूरी तरह से भारतीय कंपनी है और भारत के कानूनों के मुताबिक ही काम करती है।
2 करोड़ टन है क्षमता
रूस की इस कंपनी की गुजरात में रिफाइनरी है। गुजरात के वडिनार में इस रिफाइनरी की क्षमता 2 करोड़ टन है और इससे 6750 से ज्यादा पेट्रोल पंपों को ऑपरेट करने में मदद मिलती है। जिससे यह देश की रिफाइनिंग क्षमता का 8 पर्सेंट और रिटेल फ्यूल का 7 पर्सेंट हिस्सा अपने पास रखती है।
कंपनी करेगी इंडिया में बड़ा निवेश
तेल कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) अब भारत में काफी बड़ा निवेश करेगी। कंपनी का कहना है कि वह अगले कुछ सालों में इंडियन मार्केट में 70 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके अलावा कंपनी ने अगस्त 2017 से भारत सरकार को 2.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष टैक्स अदा किया है। पिछले 8 सालों में कंपनी ने इंडिया में 14 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है।
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