Maruti Suzuki: मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड की तरफ से जानकारी दी गई कि उनके कर्मचारियों ने वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान कंपनी की प्रमुख पहल ‘eParivartan’ के तहत 2,600 से अधिक घंटे स्वेच्छा से सेवा दी, जिससे 8,700 से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा।
कंपनी के 1100 से अधिक कर्मचारियों ने 30 से अधिक सामुदायिक गतिविधियों में अपना समय और कौशल दिया, जिनमें स्वास्थ्य एवं सामुदायिक देखभाल से लेकर शिक्षा और युवाओं की भागीदारी तक के कार्यक्रम शामिल रहे।
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स्वास्थ्य एवं सामुदायिक देखभाल
वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के कर्मचारियों ने कंपनी के कार्यालयों और विनिर्माण इकाइयों में आयोजित चार रक्तदान शिविरों में सक्रिय रूप से भाग लिया। वालंटियर्स ने कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए किट से व्हीलचेयर तैयार करने में अपने कौशल का उपयोग किया। तैयार की गई व्हीलचेयर को आश्रय गृहों और देखभाल केंद्रों को दान किया गया।
वालंटियर्स ने आगे बढ़कर आश्रय गृहों में रहने वाले लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए भोजन, दवाइयां, सूखा राशन और दैनिक उपयोग की सामग्री उपलब्ध कराई। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों ने संरचित सहभागिता कार्यक्रमों के माध्यम से बुजुर्गों और वंचितों के साथ जुड़कर देखभाल, गरिमा और सार्थक मानवीय संबंध को बढ़ावा दिया।
शिक्षा एवं युवा सहभागिता
वालंटियर्स ने वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों के साथ शिक्षा और सहभागिता की पहल भी की। एक प्रमुख पहल के तहत बच्चों के लिए मानेसर स्थित मारुती सुजुकी के मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का भ्रमण आयोजित किया गया। बड़े पैमाने पर निर्माण प्रक्रिया को देखना और कंपनी के वालंटियर्स के साथ बातचीत करना बच्चों में जिज्ञासा जगाने, उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाने और उन्हें सीखने तथा भविष्य की संभावनाओं के बारे में अधिक स्वतंत्र रूप से सोचने के लिए प्रेरित करने में सहायक रहा।
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वर्ष के दौरान वालंटियर्स ने स्पेशली-एबल्ड बच्चों के साथ समावेशी संवाद और कला सत्रों के माध्यम से जुड़कर उनकी रचनात्मकता और सहभागिता को बढ़ावा दिया। उन्होंने दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के साथ भी समय बिताया और सार्थक संवाद तथा ब्रेल किट के वितरण के माध्यम से उनकी सीखने की जरूरतों में सहयोग किया।
इसके अलावा, ‘विश ट्री’ गतिविधि के माध्यम से कर्मचारियों ने 300 से अधिक वंचित विद्यार्थियों की इच्छाएं पूरी कीं और उन्हें स्कूल बैग, स्टेशनरी, शैक्षणिक सामग्री और खिलौने उपलब्ध कराए, जिससे खुशी के पल सृजित हुए और निरंतर सीखने के लिए प्रोत्साहन मिला।
इन पहलों के साथ-साथ कई अन्य रोचक गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं, जिनमें स्कूलों का बिउटीफिकेशन अभियान शामिल था। इसके तहत वालंटियर्स ने मानेसर और गुरुग्राम के सरकारी स्कूलों में 1,400 वर्ग फुट से अधिक दीवारों पर पेंटिंग की, जिससे स्कूलों में अधिक जीवंत और स्वागतयोग्य शिक्षण वातावरण तैयार करने में मदद मिली।
eParivartan के प्रयासों पर बोलते हुए श्री राहुल भारती, सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, कॉर्पोरेट अफेयर्स, मारूति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड ने कहा, “मारुति सुजुकी में हम मानते हैं कि प्रगति तभी सार्थक होती है जब उसे हमारे आसपास के समुदायों के साथ साझा किया जाए। हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि वित्त वर्ष 2025–26 में 1,100 से अधिक मारुति सुजुकी कर्मचारियों ने 2,600 से अधिक घंटे स्वेच्छा से सेवा दी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और साहचर्य के काम में 8,700 से अधिक लोगों को सहयोग मिला। हमें यह नहीं पता कि हमने इन लोगों के जीवन में कितना बदलाव लाया है, लेकिन हम यह जरूर जानते हैं कि मारुति सुजुकी के वालंटियर्स के लिए यह अनुभव अत्यंत संतोषजनक, दिल को छूने वाला और जीवन बदलने वाला रहा है।”
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