FASTag Blacklist: इंडिया में एक दिन में लाखों व्हीकल्स नेशनल हाइवे, एक्सप्रेस वे यूज (highway toll issues) करते हैं। जहां पेमेंट के लिए FASTag यूज होता है। लेकिन यह blacklist किन वजहों से होता है। इस परेशानी से कैसे बच सकते हैं। इस रिपोर्ट में पढ़ते हैं।
FASTag Blacklist का सबसे बड़ा कारण
कार में फास्टैग को तो अनिवार्य किया ही जा चुका है। लेकिन कई बार यह ब्लैकलिस्ट हो जाता है और फिर ट्रैवलिंग में परेशानी हो जाती है। इसका सबसे बड़ी वजह फास्टैग में र्प्याप्त बैलेंस का न होना होता है। कई बार लोग एक अमाउंट रिचार्ज (FASTag recharge) कर देते हैं। लेकिन चलते चलते वह अमाउंट भी कम हो जाता है और बैलेंस माइनस में पहुंच जाता है। जिसके बाद टोल पर फास्टैग का स्टेटस ब्लैकलिस्ट शो हो जाता है।
दूसरी वजह भी हैं
सिर्फ मिनिमम बैलेंस ही नहीं और भी वजहें होती हैं जिनकी वजह से फास्टैग ब्लैकलिस्ट होता है। इसमें व्हीकल की कैटेगरी मैच न करना, विंडस्क्रीन पर फास्टैग न लगा होना, फास्टैग को हाथ में ले जाना भी प्रमुख वजहों में शामिल हैं।
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कैसे होगा बचाव
आप अपने फास्टैग को ब्लैकलिस्ट होने से बचाना चाहते हैं तो उसमें कम से कम 500 या एक हजार रुपये बैलेंस को मेंटेन करें। इससे कम होते ही फिर से रिचार्ज कर दें। जिससे कभी भी किसी भी टोल पर आपको ब्लैकलिस्ट की वजह से परेशानी न हो पाए।
करें शिकायत
इसके अलावा अगर नई कार खरीदी है तो भी फास्टैग को एक्टिवेट करवाते ही उसे कार की विंडस्क्रीन पर लगा दें। अगर फिर भी आपके फास्टैग का स्टेटस ब्लैकलिस्ट आ रहा हो तो फिर जिस बैंक से फास्टैग ईशू करवाया है उसके कॉल सेंटर पर कॉल करके अपनी शिकायत को दर्ज करवाएं और जानकारी भी हासिल करें।
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