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शेवरॉन इंजन और IIT मद्रास की नई पहल, एनर्जी टेक्नोलॉजी इनोवेटर्स को मिलेगा सपोर्ट

शेवरॉन इंजीनियरिंग एंड इनोवेशन एक्सीलेंस सेंटर और IIT मद्रास ने शुरुआती चरण के इनोवेटर्स, शोधकर्ताओं और सामाजिक उद्यमियों के लिए नया एनर्जी टेक्नोलॉजी इनक्यूबेशन प्रोग्राम शुरू किया है। प्रोग्राम के तहत प्रतिभागियों को तकनीकी मेंटरशिप, प्री-इनक्यूबेशन सपोर्ट, प्रोटोटाइप के लिए वित्तीय मदद और उद्यमिता संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।

ऊर्जा क्षेत्र में नई तकनीकों और व्यावहारिक समाधानों को बढ़ावा देने के लिए शेवरॉन इंजीनियरिंग एंड इनोवेशन एक्सीलेंस सेंटर (ENGINE) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT Madras) ने एक नई साझेदारी की है। दोनों संस्थानों ने मिलकर ‘शेवरॉन–आईआईटीएम एनर्जी टेक्नोलॉजी इनक्यूबेशन प्रोग्राम’ शुरू करने की घोषणा की है।

इस इनक्यूबेशन प्रोग्राम का उद्देश्य ऊर्जा प्रौद्योगिकी और इससे जुड़े क्षेत्रों में नए विचारों को विकसित करने वाले शुरुआती चरण के इनोवेटर्स, शोधकर्ताओं और सामाजिक उद्यमियों को जरूरी सहयोग उपलब्ध कराना है।

प्रोग्राम के दायरे में ऊर्जा प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचा, कार्बन उपयोग, सर्कुलर इकोनॉमी और संसाधन दक्षता जैसे क्षेत्र शामिल हैं। चयनित प्रतिभागियों को IIT मद्रास के शोध एवं इनक्यूबेशन इकोसिस्टम के जरिए प्री-इनक्यूबेशन सपोर्ट, तकनीकी मार्गदर्शन, प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए वित्तीय सहायता और उद्यमिता से जुड़ी सलाह दी जाएगी।

शेवरॉन इंडिया के कंट्री हेड डॉ. अक्षय साहनी ने कहा कि यह पहल शेवरॉन उड़ान (Chevron UDAAN) का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने बताया कि शेवरॉन उड़ान कंपनी का सामाजिक साझेदारी कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य लोगों के लिए नए अवसर पैदा करना और उन्हें आगे बढ़ने में मदद करना है।

उन्होंने कहा कि शेवरॉन ENGINE भारत की इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी प्रतिभाओं को कंपनी के वैश्विक संसाधनों और अनुभव से जोड़ने का काम करता है। इसका लक्ष्य ऊर्जा क्षेत्र की वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों के लिए व्यावहारिक समाधान विकसित करने में मदद करना है।

डॉ. साहनी के मुताबिक, IIT मद्रास के साथ साझेदारी के जरिए छात्रों की टीमों, शोधकर्ताओं और सामाजिक उद्यमियों को ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं के समाधान तैयार करने के लिए सहयोग दिया जाएगा। इसमें तकनीकी मेंटरशिप, उद्यमिता सहायता और इंडस्ट्री से जुड़े व्यावहारिक अनुभव को एक साथ लाने पर जोर रहेगा। इससे ऐसे विचारों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है, जो सस्ती, भरोसेमंद और लगातार स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने में योगदान दे सकें।

IIT मद्रास में पूर्व छात्र एवं कॉरपोरेट रिलेशंस के डीन प्रोफेसर अश्विन महालिंगम ने साझेदारी को लेकर कहा कि शेवरॉन-IITM एनर्जी टेक्नोलॉजी इनक्यूबेशन प्रोग्राम के माध्यम से इनोवेटर्स को मेंटरशिप, तकनीकी विशेषज्ञता और मजबूत इनोवेशन इकोसिस्टम उपलब्ध कराने पर काम किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस तरह के सहयोग से नए और उपयोगी विचारों को वास्तविक समाधानों में बदलने में मदद मिल सकती है। उनके अनुसार, ऊर्जा क्षेत्र की वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का इस्तेमाल करने के IIT मद्रास के प्रयासों को ऐसी साझेदारियों से आगे बढ़ाया जा सकता है।

प्रोग्राम के तहत शेवरॉन ENGINE इंडस्ट्री से जुड़ी जानकारी, तकनीकी मेंटरशिप, कर्मचारियों की वॉलंटियरिंग और इनोवेटर्स के साथ जुड़ने के अवसर उपलब्ध करा सकता है। वहीं, IIT मद्रास अपने मौजूदा शोध, इनोवेशन और इनक्यूबेशन इकोसिस्टम तक प्रतिभागियों की पहुंच सुनिश्चित करेगा।

इस इकोसिस्टम के जरिए उद्यमियों को ऊर्जा प्रौद्योगिकी से जुड़े समाधानों को विकसित करने, उनका परीक्षण करने और जरूरत के मुताबिक बड़े स्तर पर तैयार करने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।

यह नया प्रोग्राम IIT मद्रास और शेवरॉन के बीच पहले से चल रहे सहयोग को भी आगे बढ़ाएगा। दोनों संस्थानों की इस पहल को रणनीतिक सामुदायिक साझेदारी के जरिए इनोवेशन, शिक्षा और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

शेवरॉन ENGINE और IIT मद्रास का लक्ष्य भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत करना और ऊर्जा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भविष्य के इनोवेटर्स एवं लीडर्स को तैयार करने के लिए सहयोग को आगे बढ़ाना है।

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