Noida International Airpot: उत्तर प्रदेश में बन रहा नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा केवल यात्री सेवाओं तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश के सबसे बड़े कार्गो और लॉजिस्टिक्स केंद्रों में से एक के रूप में उभरने के लिए तैयार है।
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एक समर्पित कार्गो टर्मिनल, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और विशेष कार्गो मार्गों के साथ, यह क्षेत्र तेजी से वैश्विक व्यापार प्रवेश द्वार बनने की दिशा में अग्रसर है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता वाली इस परियोजना में राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की क्षमता है।
हवाई अड्डे के परिसर में एक अत्याधुनिक समर्पित कार्गो टर्मिनल विकसित किया गया है, जिसकी प्रारंभिक क्षमता लगभग 20 लाख मीट्रिक टन है। लक्ष्य भविष्य में इस क्षमता को बढ़ाकर 80 लाख मीट्रिक टन करना है।
इसके अतिरिक्त, प्रारंभिक चरण में, प्रति वर्ष लगभग 25 लाख टन कार्गो संभालने की क्षमता विकसित की गई है, जिसे बढ़ाकर लगभग 15 लाख टन प्रति वर्ष किया जाएगा।
लगभग 80,000 वर्ग मीटर में फैला कार्गो क्षेत्र आधुनिक तकनीक और विश्व स्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है ताकि अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लॉजिस्टिक्स सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।
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नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को एक मल्टीमॉडल कार्गो हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो माल की सुगम आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए हवाई परिवहन को सड़क और संभावित रेल कनेक्टिविटी के साथ एकीकृत करेगा।
औद्योगिक इकाइयों से हवाई अड्डे तक त्वरित और निर्बाध परिवहन सुनिश्चित करने के लिए समर्पित कार्गो मार्गों का निर्माण कार्य चल रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक समूह, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, विनिर्माण, ई-कॉमर्स, भंडारण और फार्मास्यूटिकल्स शामिल हैं, इस कार्गो हब से सीधे लाभान्वित होंगे।
एक्सप्रेस-वे के आसपास स्थित उद्योगों के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक तेजी से पहुंचेंगे, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और उत्पादन लागत कम होगी। समर्पित कार्गो टर्मिनल और विशेष मार्गों के साथ, लॉजिस्टिक्स प्रक्रियाएं अधिक कुशल और समयबद्ध हो जाएंगी।
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इससे आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी और उद्योगों को समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। इस तरह के बुनियादी ढांचे से उत्तर प्रदेश ‘जस्ट-इन-टाइम’ आपूर्ति मॉडल की ओर तेजी से बढ़ सकेगा, जिससे वैश्विक कंपनियों का विश्वास बढ़ेगा।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्थित यह कार्गो हब भूमि से घिरे होने की सीमाओं को दूर करने में मदद करेगा और उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार नेटवर्क से सीधे जोड़ेगा। यह न केवल निर्यात और आयात को बढ़ावा देगा बल्कि राज्य को एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स और व्यापार केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
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