insurance claim Tips: छोटी-सी खरोंच पर भी क्लेम लेने की गलती न करें! जानिए वो 2 नुकसान जो बाद में कराएंगे पछतावा

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ऑटोमोबाइल न्‍यूज़ डेस्‍क, नई दिल्‍ली। इंडियन रोड्स पर इतना ज्‍यादा ट्रैफिक होता है जिसकी वजह से कार ड्राइव करते हुए कई बार छोटे-मोटे स्‍क्रैच लग ही जाते हैं। देखने में तो यह खराब लगते हैं जिस वजह से कुछ लोग इनको हटाने के लिए उस पार्ट को ही पेंट करवाते हैं। कार से प्‍यार करना अच्‍छी बात है, लेकिन बिना वजह insurance claim लेने पर नुकसान भी होते हैं। किस तरह के 2 नुकसान बार बार इंश्‍योरेंस क्‍लेम लेने से होते हैं। इस खबर में समझते हैं।

insurance claim लेने की आदत खराब

अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं जो अपनी कार पर छोटा सा स्‍क्रैच आते ही सर्विस सेंटर ले जाते हैं और उस पूरे पार्ट को इंश्‍योरेंस क्‍लेम लेकर पेंट करवाते हैं तो यह आदत काफी खराब है। इस तरह की आदत की वजह से आप लंबे टाइम में अपना ज्‍यादा बड़ा नुकसान कर बैठते हैं।

insurance claim से होता है पहला नुकसान

बार बार इंश्‍योरेंस क्‍लेम लेने की वजह से आपकी कार पर मिलने वाला नो क्‍लेम बोनस खत्‍म हो जाता है। ऐसा तब भी होता है जब आप एक बार भी क्‍लेम लेते हैं। जिसके बाद एनसीबी के तौर पर मिलने वाले हजारों रुपये इंश्‍योरेंस रिन्‍यू करवाते समय देने पड़ते हैं। जिससे प्रीमियम बढ़ता है और तब यह किसी को भी खराब लगता है।

बार बार insurance claim से ब्‍लैक लिस्‍ट तक हो सकते हैं

अगर आप एक ही साल में कई बार इंश्‍योरेंस क्‍लेम ले लेते हैं तो इंश्‍योरेंस कंपनी आपको दूसरा नुकसान यह होता है कि वह कंपनी आपको अगले साल के लिए ब्‍लैक लिस्‍ट भी कर सकती है। कंपनी ऐसा तब करती है जब किसी भी कार पर बार बार क्‍लेम लिया जाता है। ऐसा करने पर कंपनी यह सोचती है कि आप सही तरह से कार चलाने में सक्षम नहीं है और फिर आप उस कंपनी की बैड बुक्‍स में आ जाते हैं। जिसके बाद आपको ब्‍लैक लिस्‍ट भी किया जा सकता है। ऐसा न होने पर आपको उसी कंपनी से रिन्‍यू के समय काफी ज्‍यादा प्रीमियम कोट किया जा सकता है।