Toll Tax: कार से टोल और टू-व्हीलर को छूट? सरकार क्यों नहीं वसूलती बाइक-स्कूटी से टोल टैक्स – पीछे छिपी हैरान करने वाली लॉजिक

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ऑटोमोबाइल न्‍यूज़ डेस्‍क, नई दिल्‍ली। इंडिया में जिस तरह से नेशनल हाइवे और एक्‍सप्रेसवे की संख्‍या में बढ़ोतरी हो रही है, उसी तरह से कार, बस, ट्रक के जरिए ट्रैवल करने वालों की संख्‍या भी बढ़ रही है। हाइवे और एक्‍सप्रेस वे यूज़ करने वाली कारें, बस, ट्रक से रोज़ लाखों करोड़ों रुपये की कलेक्‍शन Toll Tax के जरिए होती है। लेकिन, टू व्‍हीलर्स को इससे अलग रखा जाता है। सरकार क्‍यों बाइक-स्‍कूटी से टोल टैक्‍स नहीं वसूलती। इसके पीछे हैरान करने वाला लॉजिक है। यह क्‍या है, इस खबर में पढ़ते हैं।

कार, बस, ट्रक से क्‍यों लिया जाता है Toll Tax

जब भी कोई कार, बस या ट्रक को नेशनल हाइवे या एक्‍सप्रेस वे पर चलाया जाता है तो उनसे Toll Tax लिया जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है क्‍योंकि वह काफी महंगी सड़क पर चलते हैं और चलते हुए ज्‍यादा जगह लेते हैं। जिससे सड़क खराब होने की स्थिति भी होती है। कार चलने से सड़क पर ज्‍यादा वजन पड़ता है और फिर खराब हुई सड़क को फिर से ठीक करने के लिए एक अमाउंट लिया जाता है जिसे Toll Tax कहा जाता है।

दूसरा कारण भी है वैलिड

पहले कारण के अलावा दूसरा कारण यह है कि कार, बस और ट्रक काफी महंगे आते हैं और इंडिया में मिडल क्‍लास और लोअर मिडल क्‍लास के साथ लोअर क्‍लास के लोग बड़ी संख्‍या में रहते हैं, जो सिर्फ बाइक या स्‍कूटी को ही अफोर्ड कर सकते हैं। इसलिए भी सरकार हाइवे या एक्‍सप्रेस वे पर टू व्‍हीलर से टाल टैक्‍स नहीं लेती।

क्‍या है तीसरा कारण

तीसरा कारण यह है कि टू व्‍हीलर्स में छोटे इंजन दिए जाते हैं जो 100 से 150 सीसी तक होते हैं। इस तरह के इंजन के साथ ज्‍यादातर लोग अगर हाइवे या एक्‍सप्रेस वे का यूज़ करते हैं तो वो ज्‍यादा से ज्‍यादा 100 से 200 किलोमीटर तक ही जाते हैं। जबकि कार, बस और ट्रक से कई हजार किलोमीटर तक सफर किया जा सकता है। इसलिए भी बाइक स्‍कूटी से टोल नहीं लिया जाता।