Child Safety: बच्चों को कार में रखना है सुरक्षित? जानिए 4 ज़रूरी बातें जो हर पेरेंट को पता होनी चाहिए

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child safety car PC-Freepik

ऑटोमोबाइल न्‍यूज़ डेस्‍क, नई दिल्‍ली। आजकल की जिंदगी में भाग दौड़ काफी ज्‍यादा हो चुकी है। जिसकी वजह से अक्‍सर लोग एक शहर से दूसरे शहर जाते हैं। कार में ट्रैवल करते हुए वह कई बार अपनी फैमिली को भी साथ ले जाते हैं, जिसमें बच्‍चे भी होते हैं। कार से ट्रैवल करते हुए बच्‍चों की सेफ्टी को अक्‍सर लोग नज़रअंदाज कर देते हैं। लेकिन अपने बच्‍चों को सुरक्षित (Child Safety) देखना चाहते हैं तो ऐसी कौन सी 4 बातें हैं जो हर अच्‍छे पेरेंट को पता होनी ही चाहिए। इस खबर में समझते हैं।

आगे की सीट पर न बैठाएं

बच्‍चों को कभी भी कार में आगे की सीट पर नहीं बैठाना चाहिए। ऐसा इसलिए भी करना चाहिए क्‍योंकि आगे की सीट पर सामने की ओर डैशबोर्ड होता है। आजकल की कारों में डैशबोर्ड पर एयरबैग आते हैं, जो दुर्घटना के समय काफी तेजी से खुलते हैं। वहीं दूसरी ओर बच्‍चों को एक ही जगह पर काफी समय तक बैठाए रखना भी मुश्किल होता है। दुघर्टना के समय और बच्‍चों के एक ही जगह पर बैठे रहने में समस्‍या की वजह से उनको ज्‍यादा चोट लगने का खतरा रहता है।

स्‍पेशल सीट से बढ़ेगी Child Safety

अगर आपका बच्‍चा काफी छोटा है तो फिर उसके लिए स्‍पेशल सीट या बूस्‍टर सीट को खरीदना चाहिए। भारत के अलावा कई देशों में यह अनिवार्य है कि छोटे बच्‍चों के लिए कार में खास तरह की सीट होनी चाहिए। इसके बिना आप बच्‍चों को कार में अपने साथ नहीं ले जा सकते। इन सीटों को रियर सीट पर ही आइसोफिक्‍स चाइल्‍ड एंकरेज के साथ फिक्‍स किया जाता है। जिससे बच्‍चों को ज्‍यादा सुरक्षा मिलती है।

कार की विंडो रखें बंद

जब भी आप बच्‍चों के साथ कार से सफर कर रहे हों तो विंडो को हमेशा बंद रखें। कई बार बच्‍चे उत्‍सुक हो जाते हैं और चलती हुई कार से हाथ या सिर बाहर निकालने की कोशिश करते हैं। बच्‍चों का ऐसा करना उनके लिए कई बार परेशानी बड़ा देता है। वहीं पेरेंट्स को भी इससे परेशानी होती है। कार में ड्राइवर के पास यह ऑप्‍शन होता है कि वह कार की चारों विंडो को एक बटन से लॉक कर दे। इस तरह बच्‍चे खुद से विंडो नहीं खोल पाएंगे।

Child Safety के लिए लॉक का करें यूज़

बच्‍चों के साथ कार में जाते हुए हमेशा चाइल्‍ड लॉक को एक्टिव करना चाहिए। यह लॉक रियर डोर पर होता है। एक बार इसे एक्टिव कर देने के बाद पिछले दरवाजों को अंदर से नहीं खोला जा सकता। इससे यह फायदा मिलता है कि बच्‍चे पिछली सीट पर भले बैठे ही क्‍यों न हों। वह खुद से कार के दरवाजे को चलती कार में नहीं खोल सकते। कार रुकने के बाद आप खुद बाहर से दरवाजे को खोलकर बच्‍चों को सुरक्षित तरीके से बाहर कर सकते हैं।